ये हैं विश्व के सबसे जबरदस्त खुफिया विभाग

किसी भी राष्ट्र की सुरक्षा उसके सैन्य बल और पुलिस बल पर निर्भर करती है। किंतु इनके अलावा अप्रत्यक्ष तौर पर देश की सुरक्षा की रीढ़ उस देश का खुफिया विभाग यानि कि Intelligence Agencies होती हैं, जो देश कि सुरक्षा के लिए खतरनाक, खतरों को पनपने से पहले ही उन्हें ढूंढ कर खत्म करने का करती हैं।

खुफिया एजेंसी अंडरकवर एजेंट्स, जासूसों, टेक गीक्स (टेक्नोलोजी के जानकार) और हैकर्स से बनती है। ये सब मिलकर देश की सुरक्षा को सुनिश्चित करते हैं। सेना और पुलिस बल के मुकाबले इन खुफिया विभागों की जानकारियां बेहद खुफिया होती हैं, जैसे कि इनके एजेंट्स की जानकारियां कभी साझा नहीं की जाती, इनके खुफिया मिशन और ऑपरेशन्स जिसमें कि खतरे को पैदा होने के पहले ही चुपके से खत्म कर दिया जाता है, उसे भी कभी जाहिर नहीं किया जाता। ये एजेंसियां बहुत ताकतवर होती हैं, इसमें कोई शक नहीं पर कुछ मामलों में ये बहुत ही बर्बर और बेहद खतरनाक भी होती हैं।

इस पोस्ट में हम विश्व के कुछ बेहद खास और खतरनाक खुफिया एजेंसियों के बारे में आपको बताएंगे।

1- THE MOSSAD, इजरायल

एक छोटा सा देश इजरायल जो यहूदियों और ईसाइयों का पवित्र स्थान माना जाता है, चारों तरफ से दुश्मन देशों जैसे कि इजिप्त, जार्डन, सीरिया और लेबनान से घिरा हुआ है। ऐसे में इसे सुरक्षा के लिहाज से सबसे असुरक्षित माना जाता है। किंतु इस छोटे से देश ने सन् 1949 में अपनी सुरक्षा के लिए दुनियां की सबसे तेज तर्रार और खतरनाक खुफिया एजेंसी बनाई, MOSSAD

MOSSAD ने जिस तरह ऑपरेशन्श चलाकर यहूदी विरोधी गतिविधियों को कुचला है, उसे “The world’s most efficient killing machine” की उपाधि दी गई है। सन् 1972 में जब Munich Olympics में साजिशन इजरायली खिलाड़ियों की हत्या कर दी गई, तब MOSSAD ने उस साजिश से जुड़े हर शख्स को तरह दुनियां के अलग-अलग कोनों से ढूंढ कर चुन-चुन कर मार दिया। और अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया। एक और ऐतिहासिक मामले में जब दुनियां को ईरान के परमाणु शक्ति के इरादों की भनक तक नहीं थी,तब MOSSAD ने ही उसे शुरू होने के पहले ही नष्ट कर दिया था।

2- CIA (CENTRAL INTELLIGENCE AGENCY), अमेरिका

दूसरे विश्व युद्ध के खत्म होने के पश्चात, जब अमेरिका और सोवियत संघ के बीच शीत युद्ध की सुगबुगाहट होने लगी तब अमेरिका को एक स्वतंत्र खुफिया विभाग की आवश्यकता महसूस हुई। तब CIA का गठन किया गया। आर्थिक तौर बेहद मजबूत और यांत्रिकी तौर पर सबसे आधुनिक यह स्वतंत्र एजेंसी विदेशी सरकारों, लोगों और Corporations की विभिन्न जानकारियां एकत्र कर अमेरिका की नीतियां बनाने में मदद करती है। यह सैन्य ऑपरेशन्स में हिस्सा लेती है और बहुत से खुफिया मिशन भी चलाती है। हालांकि इसके नाकामियों की लिस्ट भी है जिसमें 09/11 सबसे ऊपर आता है।

3- FSB ( FEDERAL SECURITY SERVICE), रूस

रूसी खुफिया विभाग की इकाई है FSB, जिसकी उपस्थिति का खौफ रूस के अंदर और बाहर हमेंशा मौजूद रहता है। रूस के आंतरिक सुरक्षा और जवाबी हमलों की जिम्मेवारी संभालता है। इसका हेडक्वार्टर KGB के हेडक्वार्टर के साथ ही है। यह अपने कर्मचारियों, एजेंट्स की संख्या और बजट को खुफिया रखता है।

4- MI6 (MILITARY INTELLIGENCE SECTION 6)

100 साल पुराने इस इंटेलिजेंस एजेंसी ने सन् 1994 तक पहचान दुनियां से छुपा रखी थी। इसका मुख्य उद्देश्य है ब्रिटेन के हितों की रक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित करना। यह सिर्फ आतंकी गतिविधियों की रोकथाम के लिए एक बहुत बड़ी रकम 2.6 Billion Pounds खर्च करने के लिए जाना जाता है। यह परमाणु हथियारों की जानकारी इकट्ठा करने, ड्रग्स ट्रैफिकिंग और दूसरे संगठित अपराधों पर भी अपनी नजर बनाए रखता है। इसने पर्ल हार्बर पर होने वाले हमले की जानकारी पहले ही FBI को दे दी थी।

5- MSS ( MINISTRY OF STATE SECURITY), चीन

चीन की मुख्य खुफिया सुरक्षा विभाग जो ज्यादातर आंतरिक सुरक्षा मामलों से जुड़ी है, अभी भी बाहरी दुनियां के लिए एक रहस्य है। दूसरे देशों के खुफिया विभागों की तरह इसकी अपनी कोई वेबसाईट नहीं है, ना ही कोई संपर्क और ना ही कोई प्रवक्ता। यहां तक कि बीजिंग में इसका हेडक्वार्टर कहाँ ये भी किसी को नहीं पता। इसके बारे में जो पता है, वो ये कि ये बहुत ही ताकतवर संस्था है। यह पिछले साल तब प्रकाश में जब कुछ चीनी नागरिक अलग-अलग देशों से Trade Secrets और Technology चोरी करते हुए पकड़े गए। जो कि जासूस थे और MSS के दिशानिर्देशों पर काम कर रहे थे। MSS को सरकार से नजदीकियों और Baidu, Alibaba और Tencent जैसी कंपनियों से भी मदद मिलती है।

6- RAW (RESARCH AND ANALYSIS WING), भारत

RAW की स्थापना सन् 1968 में की गई थी, स्पेस में मौजूद सुरक्षा उपग्रहों और बेहतर तकनीकी ने RAW को उसके पाकिस्तानी प्रतिद्वंद्वी ISI पर बढत हासिल है। RAW अमेरिका के CIA और इजरायल के MOSSAD के साथ मिल कर पाकिस्तान परमाणु कार्यक्रमों पर नजर बनाए रखती है। RAW ने भारत पर होने वाले बहुत से आतंकी हमलों को रोका है। RAW अपने बारे बहुत ही कम खुलासे करती है, जिस वजह से किसी को भी इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।

7- ISI (INTER SERVICES INTELLIGENCE), पाकिस्तान

खुफिया विभागों की बात हो तो हमारे पड़ोसी पाकिस्तान की इस एजेंसी की ताकत नकारा नहीं जा सकता। खुफिया विभागों की फेहरिस्त में ये एक मात्र ऐसी एजेंसी है जिसमें कभी कोई डबल एजेंट नहीं हुआ। बाकी देशों की एजेंसीज के मुकाबले भले ही ISI के पास उतना फंड नहीं है पर Resources के मामले में ये सबसे आगे है। ये पाकिस्तानी सेना की आंख और कान है। ये अपना ज्यादातर फंड पश्चिमी और अन्य देशों में प्रो पाकिस्तान पार्टियों और Policymakers को खरीदने पर खर्च करती है।

दोस्तों अगर ये जानकारी आपको अच्छी लगी हो तो इसे अपने दोस्तों से शेयर कर उनके ज्ञान को भी अवश्य बढाएं और इस तरह के पोस्ट के लि हमें सबस्क्राईब करें, बिलकुल फ्री।

Tags- World’s Most Dangerous Intelligence Agencies, Worlds top Intelligence Agencies, Duniya Ke Sabse Khatarnak Intelligence Agency, Duniya Ke sabse khatarnak Khufiya Vibhag, दुनियां के सबसे खतरनाक Intelligence Agencies, विश्व के सबसे खतरनाक खुफिया विभाग,

Spread the love