ये Survival Tricks मुसीबत के वक्त आपकी और दूसरों की जान आसानी से बचा सकते हैं

अगर आपको किसी भी बात की अच्छे से और पहले से जानकारी हो तो आप ना सिर्फ उसका पूरा फायदा उठा सकते हैं बल्कि उसे दूसरों को भी अच्छे से समझा सकते हैं। और अगर बात Survival और मुसीबतों की हो तो उनसे निपटने की जानकारी ना सिर्फ आपकी बल्कि आपके अपनों और दूसरों की भी जान बचा सकती है। इसलिए आज हम आपके लिए ऐसी कुछ जानकारियां लेकर आए हैं।

यहां हम आपको कुछ मुसीबती परिस्थियों और उन से बच निकलने के लिए सही कदमों के बारे में बताएंगे।

1- जब शरीर में कोई धारदार वस्तु या चाकू घुस जाए

दोस्तों अगर आपके शरीर में कोई छूरी या शीशा शरीर में घुस जाए तो आप क्या करेंगे? लोग इस परिस्थिति में उसको सीधे बाहर निकालने के प्रयत्न की गलती कर बैठते हैं। इससे उन्हे और भी कहीं अधिक क्षति पहुंच जाती है जान जाने या अंग गंवाने का खतरा अत्यधिक बढ जाता है, क्योंकि इस प्रयास के चक्कर में हमारी अंदरूनी नसों को बहुत ज्यादा क्षति पहुंच जाती है। इसलिए इस तरह की कोई भी परिस्थिति होने पर धारदार वस्तु, शीशे या चाकू को सीधा बाहर निकालने की बजाय घाव को दबाएं और नजदीकी डाक्टर के पास जाएं।

2- सार्वजनिक जगहों पर मदद कैसे मांगे

दोस्तों अगर किसी समस्या या मुसीबत के कारण अगर आपको किसी सार्वजनिक जगह पर लोगों से मदद मांगनी पड़े, तो कभी भी भीड़ से सहायता मांगने की गलती ना करें, अपितु किसी अकेले खड़े व्यक्ति से मदद की गुहार लगाएं। क्यों कि जब हम भीड़ से मदद मांगते हैं मनोविज्ञान के तहत Bystander Effect के कारण लोग ये सोच कर मदद नहीं करते कि भीड़ मे से कोई दूसरा मदद कर देगा और इस तरह अंत में आपको कोई मदद नहीं मिलती।

3- जब वीरान जगह पर गुम हो जाएं

वीरान जगह गुम होने पर कुछ गलतियां बिल्कुल ना करें। कभी भी अपनी गाड़ी को छोड़ कर अपने दोस्त को ढूंढने न जाएं, मदद मांगने के लिए एक हाथ न हिलाएं, और साथ में शीशा जरूर रखें। ऐसी परिस्थिति में ‘तीन का नियम’ बेस्ट होता है, जैसे कि तीन बार शीशे से रौशनी को चमकाएं , या तीन बार फायर करें या फिर तीन बार सीटी बजाएं।

4- जब गले में कुछ अटक जाए

जब कभी भी खाते वक्त या गलती से गले में कुछ अटक जाए और खांसी आने लगे तो उसे रोकें नहीं, खांसी आने दें, खांसना एक संकेत है कि भीतर हवा जाने की जगह बची है। उस स्थिति में अगर पीठ पर मारा जाएगा तो हो सकता है फंसी हुई चीज झटके से बाहर निकल जाए लेकिन ये भी आशंका रहती है कि गला पूरी तरह बंद भी हो सकता है।

8. अगर न्युक्लियर विस्फोट हो

दोस्तों अभी तक हुई रिसर्च से पता चला है कि न्युक्लियर विस्फोट के समय धमाके और उससे निकलने वाली आग की लपटों से बहुत कम मौत होती हैं, क्योंकि उनका दायरा कम होता है। मौत की मुख्य वजह बनती है धमाके से निकला तरंगों का तेज़ झटका और उसका बाद रेडिएशन। जैसे ही आप कहीं दूर विस्फोट जैसा कुछ देखें, तो तुरंत जमीन की और मुंह कर के लेट जाएं। हाथों से अच्छी तरह नाक, कान और आंख को कस कर बंद कर लें। न्युक्लियर धमाके के बाद ऐसा करने के लिए मुश्किल से 8 सेकेंड होते हैं। जब पहली मुसीबत यानी तेज तरंग आपके ऊपर से गुजर जाएं, तब आप किसी नज़दीकी बेसमेंट या किसी मजबूत इमारत के भीतर छिप जाएं और अगले 48 घंटों तक बाहर ना निकलें। दो दिनों बाद बिना देरी किये उस शहर को छोड़ दें।

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