Google – एक ऐसी स्पेलिंग मिस्टेक जो अपने आप में बहुत बड़ी सफलता बन गई

Google – पूरी दुनिया इस नाम से वाकिफ है, और इसका उपयोग किसी ना किसी रूप में दुनियां के हर कोने में लोग करते ही हैं, कभी पता-ठिकाना ढूंढने के लिए तो कभी जानकारियां हासिल करने के लिए। इसके बारे में एक कहावत है, Why, Where, When या Who जैसे सवाल आने पर Google it! जवाब आपको मिल जाएंगे। पर क्या आपको पता है कि GOOGLE नाम एक बहुत बड़ी स्पेलिंग मिस्टेक का नतीजा है??

Google का शुरूआती नाम BackRub था और इसका Logo था इसे बनाने वाले दो लोगों मे से एक Larry Page के हाथ का पिछला हिस्सा। ऐसा नाम इसलिए था क्योंकि शुरूआती दौर में इसका काम था, Website की Backlink चेक कर उसकी रैंकिंग करना। इसके निर्माता Larry Page और Sergey Brin ने Stanford University में एक Phd प्रोजेक्ट के तौर पर इसका उद्ययन किया था।

14 सितंबर, 1997 को Larry और Sergey ने अपने इस Dream Firm को Search Engine के तौर पर एक अलग पहचान देने के लिए एक नए नाम पर विचार करना शुरू किया। उस वक्त उस कमरे में Stanford University के कई अन्य विद्यार्थी उनकी सहायता के लिए वहां मौजूद थे। उन विद्यार्थियों में से एक विद्यार्थी Sean Anderson ने GoogolPlex नाम क सुझाव दिया, जिसका Mathematical टर्म होता है 1 और सौ बार शून्य। Larry Page देरी ना करते हुए उसका शाॅर्ट फाॅर्म सुझाया Googol और Sergey Brin को इसे अंतिम रूप देने के लिए कहा।

तुरंत सहमति बनते ही Sean Anderson जो कि कंप्यूटर पर तैयार बैठा था, इंटरनेट पर ये देखना शुरू कर दिया कि ये नाम Domain रजिस्टर करने के लिए उपलब्ध है या नहीं। और यहीं सबसे प्रसिद्ध स्पेलिंग मिस्टेक हो गई और Googol की जगह Google टाईप हो गया। Google.com नाम उपलब्ध देखकर google के दोनों निर्माता Larry और Sergey खुश हो गए और और उन्होंने ने उसी दिन उस Domain को रजिस्टर कर लिया। Google असल जिंदगी के Mathematical Term, Googol का स्पेलिंग मिस्टेक है। Sergey Brin ने GIMP नाम के Software को इस्तेमाल करके इसका पहला Logo बनाया।

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